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कृषि
अनुसंधान शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भा.कृ.अ.प.)
भारत सरकार और श्रीलंका कृषि अनुसंधान नीति परिषद (सी.ए.आर.पी.),
श्रीलंका के बीच सहायोग
भा.कृ.अ.प.
भारत और सी.ए.आर.पी.,
श्रीलंका के बीच वैज्ञानिक व0
तकनीकी सहयोग के लिए
2.7.1998
को नई दिल्ली में हुए समझौता ज्ञापन में निहित प्रावधानों के अनुसरण में,
दो
देशों में कृषि अनुसंधान शिक्षा के विकास के लिए सघन सहयोगात्मक प्रयासों को
विकसित करने,
संवर्धन करने और तेज करने के लिए दो पक्षों के बीच जनोरूआवा,
पेरडिनिया,
श्रीलंका में
13
जून, 2008
को वर्ष
2008-09
की कार्य योजना पर हस्ताक्षर किए गए ।
इस
कार्ययोजना के अंतर्गत कृषि के विभिन्न क्षेत्रों,
डेयरी,
मात्स्यिकी,
मानव
संसाधन प्रबंधन इत्यादि में श्रीलंका के
70
से अधिक वैज्ञानिकों को भा.कृ.अ.प. के विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में दो
वर्ष से अधिक की अवधि तक
2
से 3
सप्ताह की अवधि के अल्पावधि प्रशिक्षण देने पर विचार किया गया है । कृषि एवं
संबंधित विज्ञानों में श्रीलंकाई विद्यार्थियों को स्नात्तकोत्तर एवं
डाक्ट्रेड स्तर की शिक्षा प्रदान करने का भी प्रावधान किया गया है । इस
कार्ययोजना के अन्तर्गत कुछ सहयोगात्मक अनुसंधान परियोजनाओं,
कृषि
में औद्योगिक उद्योगों और विशिष्ट अनुरोध पर कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में
सलाहकारों के श्रीलंका दौरों पर विचार किया गया है ।
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कृषि
अनुसंधान एवं शिक्षा के क्षेत्र में कृषि मंत्रालय,
कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग,
भारत गणराज्य सरकार और इक्वाडोर गणराज्य सरकार के बीच
सहायोग
कृषि
अनुसंधान एवं शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत गणराज्य सरकार और
इक्वाडोर गणराज्य सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पर
17
नवम्बर, 2008
को हस्ताक्षर किए गए । सहयोग के चुनिंदा प्राथमिक क्षेत्रों में बागवानी,
फसल
विज्ञान,
मात्स्यिकी,
पशु
विज्ञान,
कृषि
विस्तार,
कृषि
शिक्षा,
कृषि
अभियांत्रिकी और प्राकृतिक संसाधन प्रबंध शामिल हैं ।
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कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा के क्षेत्र में भारत और ओमान के बीच
सहयोग
भारतीय कृषि
अनुसंधान परिषद और ओमान सरकार के बीच विश्व आम विश्वकोश तैयार करने संबंधी
परियोजना पर एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए । उप महानिदेशक (बागवानी),
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को इस परियोजना के संबंध में नोडल पाइंट के रूप
में नियुक्त किया गया है जिसमें आम के पेड पर एक सार्वभौमिक वैज्ञानिक
विश्वकोश तैयार करने की परिकल्पना की गई है । विश्वकोश तैयार करने लिए अन्य
चीजों के साथ भारत में उत्पन्न किए जाने वाली संबंधित उपजों और आम के ब्यौरे
व फोटोग्राफ सांख्यिकी सूचना प्राप्त करना । इसके अतिरिक्त भारत में आम के
भौगोलिक वितरण,
उनके
सांस्कृतिक उपयोग,
कीटों और बीमारियों के संबंध में सूचना,
आम
का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व आदि जैसे विभिन्न पहलुओं के संबंध में
विस्तृत ब्यौरे भी अपेक्षित हैं ।
डा.
मंगला राय,
सचिव, कृषि अनुसंधान एवं
शिक्षा विभाग व महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान
परिषद की सेवा में विस्तार
भारत सरकार,
कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसरण में डा. मंगला
राय,
सचिव,
कृषि
अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग व महानिदेशक,
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की सेवा में
30.6.2009
को 62
वर्ष की आयु या अगले आदेशों तक छ महीने की अवधि के लिए विस्तार किया गया है ।
कृषि
अनुसंधान एवं शिक्षा के क्षेत्र में कृषि मंत्रालय,
कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग,
भारत गणराज्य सरकार और जिहाद-ए-कृषि मंत्रालय,
ईरान इस्लामिक गणराज्य सरकार के बीच सहयोग
कृषि
अनुसंधान एवं शिक्षा के क्षेत्र में कृषि मंत्रालय,
कृषि
अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग,
भारत
गणराज्य सरकार और जिहाद-ए-कृषि मंत्रालय,
ईरान
इस्लामिक गणराज्य सरकार के बीच
11.11.1991
को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन में निहित प्रावधानों के अनुसरण में,
दोनों देशों में कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा के क्षेत्र में गहन सहयोग का विकास,
संवर्धन व तीव्र करने के लिए तेहरान,
ईरान
में आयोजित 15वीं
भारत-ईरान संयुक्त आयोग बैठक के दौरान
2
नवम्बर, 2008
को दोनों पक्षों के बीच वर्ष
2009-10
की कार्य योजना पर हस्ताक्षर किए गए ।
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